कंगाल हुई केजरीवाल सरकार से बोले विश्वासः दिल्ली को मौत का कुंआ बना दिया अब…

नई दिल्ली. कोरोना संकट के बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कहा है कि उसके पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं हैं। रविवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से 5 हजार करोड़ रुपए की मांग की। दिल्ली सरकार की ‘मुफ्त’ वाली योजनाओं और विज्ञापनों को लेकर आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने केजरीवाल सरकार को जमकर सुनाया है।

कुमार विश्वास ने यहां तक कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को मौत का कुआं बना दिया है और अब उनके पास डॉक्टरों को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

कुमार विश्वास ने ट्वीट किया, ”लाखों करोड़ की चुनावी-रेवड़ियां, टैक्सपेयर्स के हजारों करोड़ अखबारों में 4-4 पेज के विज्ञापन और चैनलों पर हर 10 मिनट में थोबड़ा दिखाने पर खर्च करके, पूरी दिल्ली को मौत का कुआं बनाकर अब स्वराज-शिरोमणि कह रहे हैं कि कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों को सैलरी देने के लिए उनके पास पैसा नहीं हैं।”

सिसोदिया ने कहा कि हमें अपने कर्मचारियों का वेतन देने में सक्षम होने के लिए कम से कम सात हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है जिनमें से अनेक कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ अग्रिम पंक्ति के दायित्व को अंजाम दे रहे हैं।

दिल्ली सरकार में शिक्षा के साथ वित्त मंत्रालय संभालने वाले मनीष सिसोदिया ने कहा, ”हमने दिल्ली सरकार के राजस्व और इसके न्यूनतम खर्च की समीक्षा की है। हर महीने वेतन और कार्यालय खर्च के लिए 3500 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। पिछले दो महीनों में 500-500 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। अन्य स्रोतों से प्राप्त आमदनी को मिला लें तो सरकार के पास 1735 करोड़ रुपए हैं। हमें 2 महीनों के लिए 7000 करोड़ रुपए की आवश्यकता है।”

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