आम आदमी को लगा झटका, मोदी सरकार ने बंद होगी ये बड़ी योजना

नई दिल्ली: गरीबों को मिलने वाला मुफ्त अनाज, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत शुरू की गई थी। यह योजन अब अब बंद होने जा रही है। यह योजना देश में लॉकडाउन के लागू होने के समय में चलाई गयी थी जिसमें सरकार की तरफ से तकरीबन 81 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त में अनाज बांटा जा रहा है।

योजना अब 30 नवंबर को समाप्त
बता दें कि यह योजना खासकर प्रवासी मजदूरों और गरीब लोगों के लिए शुरू की गई थी। खाद्य, उपभोक्ता एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना का डेट अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार की मुफ्त में अनाज मुहैया करवाने की यह योजना अब 30 नवंबर को समाप्त हो जाएगी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को हर महीने पांच किलो गेहूं या चावल मुफ्त बांटा जा रहा था। अब 30 नवंबर को यह योजना समाप्त हो जाएगी। इसे आगे जारी रखने के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

इस योजना को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा
मंत्रालय के एक अधिकारी कहते हैं, ‘इस योजना को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। हां, जिन लोगों ने किसी कारणवश राशन नहीं लिया है, उनके हिस्से का अनाज उन्हें फ्री में दिया जा सकता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थियों को पहले की तरह किफायती दरों में जो राशन मिलता था, वह मिलता आगे भी मिलता रहेगा। पीएमजीकेएवाई के तहत मुफ्त राशन वितरण की योजना अब 30 नवंबर के बाद बंद कर दी जाएगी।

5 किलो गेहूं/चावल प्रति सदस्य और एक किलो चना मिलता था
इसी साल मार्च महीने में कोरोना महामारी के वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का ऐलान किया था। इस योजना के तहत सभी गरीब परिवारों को जिनके पास राशन कार्ड है, और जिनके पास नहीं है, उन्हें 5 किलो गेहूं/चावल प्रति सदस्य और एक किलो चना अप्रैल से हर महीने मुफ्त दिया जा रहा है। यह मुफ्त अनाज राशन कार्ड पर मिलने वाले अनाज के मौजूदा कोटे के अतिरिक्त है।

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