अमेरिकी थिंक टैंक ने दिखाया भारत का गलत नक्शा, मचा बवाल

नई दिल्ली: अमेरिकी थिंक टैंक, फ्रीडम हाउस अमेरिका के सबसे पुराने एनजीओ में से एक है। ये एनजीओ हर साल दुनिया के दूसरे देशों को ये बताता है कि वहां के लोगों के पास कितनी आज़ादी है और वहां की व्यवस्था में लोकतंत्र की मात्रा कम है या ज़्यादा। अपनी रेटिंग्‍स बेचने के लिए भी ये एनजीओ खूब खेल करता है। इस बार फ्रीडम हाउस ने भारत के फ्रीडम स्कोर को नीचे कर दिया है इसने भारत के मैप को गलत तरीके से पेश किया है। बता दें कि इसके बाद रैंकिंग में भारत PARTLY FREE कैटेगरी में आ गया है, जो पहले फ्री कैटेगरी में था।

‘अलगावादी एजेंडा’ नहीं चलाने दे सकते-कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा
फ्रीडम हाउस ने भारत के मैप को गलत तरीके से पेश बड़ी गलती कर दी जिसके बाद से सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है और इंडियन यूजर्स खरी खोटी सुना रहे हैं। इस मामले पर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी इस पर सवाल उठाया है और कहा कि किसी को ‘अलगावादी एजेंडा’ नहीं चलाने दे सकते।

फ्रीडम हाउस ने अपने ट्विटर पर भारत का गलत मानचित्र शेयर किया
बता दें कि फ्रीडम हाउस ने अपने ट्विटर पर भारत का गलत मानचित्र शेयर किया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर को नहीं दिखाया गया है। फ्रीडम हाउस ने लिखा है कि ‘ब्रेकिंग: वर्ल्ड 2021 में भारत को फ्रीडम में ‘फ्री’ रेट नहीं किया गया है। वह यह कहता है कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत में राजनीतिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता का नुकसान हुआ है, जिससे देश 2020 में फ्री से Partly Free कैटेगरी में आ गया है।’

मौजूदा सरकार से हमारी विभिन्न मुद्दों पर मतभिन्नता है और सड़क से लेकर संसद तक हम उनकी नीतियों का विरोध भी करते हैं, पर इसकी आड़ लेकर हम किसी को ‘अलगावादी एजेंडा’ नहीं चलाने दे सकते। दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘राजनीति में मतभेद लाजमी हैं, विचारधारा के आधार पर, मुद्दों के आधार पर, दलीय ढांचे के आधार पर, लेकिन भारत की संप्रभुता और अखंडता पर चोट पहुंचाने का प्रयास हुआ तो भारत साथ मिलकर जवाब देना जानता है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, कण-कण, जन-जन में भारत बसता है, हमें गर्व है भारतीय होने पर।

ट्विटर इंडिया इस पर तत्काल एक्शन ले-दीपेंद्र सिंह हुड्डा
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने ट्विटर इंडिया को टैग करते हुए आगे लिखा है कि ‘मौजूदा सरकार से हमारी विभिन्न मुद्दों पर मतभिन्नता है और सड़क से लेकर संसद तक हम उनकी नीतियों का विरोध भी करते हैं, पर इसकी आड़ लेकर हम किसी को ‘अलगावादी एजेंडा’ नहीं चलाने दे सकते। यह मानचित्र भारत की अखंडता को चोट पहुंचाने का प्रयास है, ट्विटर इंडिया इस पर तत्काल एक्शन ले।’

भारत की रैंकिंग 83 से फिसलकर 88वें स्थान पर
बता दें कि फ्रीडम हाउस (Freedom House) की रिपोर्ट में इंडिया का स्कोर 71 से घटकर 67 हो गया है। इसके बाद 211 देशों की लिस्ट में भारत की रैंकिंग 83 से फिसलकर 88वें स्थान पर आ गई है। दुनिया के सबसे स्वतंत्र देशों की इस लिस्ट में 100 स्कोर के साथ फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन टॉप पर हैं, जबकि 1 स्कोर के साथ तिब्बत और सीरिया दुनिया के सबसे कम स्वतंत्र देश हैं।

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