अभी अभीः भारत और चीनी सैनिकों के बीच छिडी जंग! 100-100 राउंड फायरिंग

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लद्दाख. भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की 10 सितंबर को मॉस्को में हुई मीटिंग से पहले लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच फायरिंग हुई थी। पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग सो झील के उत्तरी छोर पर दोनों तरफ से 100 से 200 राउंड हवाई फायर हुए थे। यह घटना रिजलाइन पर हुई थी, जहां फिंगर-3 और फिंगर-4 के इलाके मिलते हैं।

चीनी मीडिया के मुताबिक पिछले हफ्ते तनाव चरम पर था, क्योंकि चीन ने कई इलाकों में सैनिकों और हथियारों की तैनाती बढ़ा दी थी। लेकिन, विदेश मंत्री जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच मॉस्को समझौते के बाद चीन ढीला पड़ गया था।

45 साल बाद भारत-चीन सीमा पर गोलियां चलने की घटना हुई है। बताया जा रहा है कि एक-दूसरे के सैनिकों को रोकने के लिए दोनों तरफ से हवा में गोलियां चलाई गई थीं। हालांकि, 7 और 8 सितंबर की घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

चीन से जारी सीमा विवाद के बीच सरकार ने बुधवार शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है। कांग्रेस इस मसले पर संसद में चर्चा की मांग कर रही है। मंगलवार को बोलने का मौका नहीं मिलने पर कांग्रेस ने लोकसभा से वॉकआउट किया था।

कई इलाकों में भारत-चीन के सैनिकों में सिर्फ 300 मीटर का फासला
सितंबर के पहले हफ्ते में पैंगॉन्ग सो झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर काफी मूवमेंट हुए थे। तनाव अभी बरकरार है। चुशूल सेक्टर में कई जगहों पर भारत और चीन के सैनिक एक-दूसरे से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर तैनात हैं। इस बीच दोनों देशों के आर्मी अफसरों के बीच फिर से बातचीत होनी है।

29-30 अगस्त की रात चीन के सैनिकों ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीयों जवानों ने नाकाम कर दी। उसके बाद आर्मी अफसरों की बातचीत का दौर शुरू हुआ, लेकिन चीन ने अगले 4 दिन में 2 बार फिर घुसपैठ की कोशिश की।

शांति से सीमा विवाद सुलझाने के लिए 10 सितंबर को मॉस्को में भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई थी। इसमें डिस-एंगेजमेंट समेत 5 पॉइंट्स पर सहमति बनी थी। लेकिन, चीन बार-बार अपनी बात से पीछे हट रहा है और विवादित इलाकों में लगातार मूवमेंट कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मंगलवार को संसद में कहा कि चीन ने एलएसी पर सैनिक और गोला-बारूद जमा कर रखे हैं, लेकिन भारत भी तैयार है।

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