अभी अभीः दिल्ली में हालात बेकाबू, जमकर उपद्रव, तोडफोड, इंटरनेट बंद, अमित शाह की आपात बैठक

नई दिल्ली. दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर मार्च में लाल किले किले के पास जमकर बवाल हो गया। यहां से किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद किसानों ने उपद्रव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। तनाव बढ़ता देख इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है, ताकि अफवाहें नहीं फैलें। सैंकड़ों प्रदर्शनकारी अभी भी लाल किला परिसर में मौजूद हैं। इधर, दिल्ली में बिगड़ते हालात के मद्देनजर गृह मंत्री अमित शाह ने आपात बैठक बुलाई है। मीटिंग में दिल्ली पुलिस, इंटेलिजेंस और गृह मंत्रालय के आला अधिकारी मौजूद हैं।

सरकार ने सिंघु, टीकरी, गाजीपुर बॉर्डर के साथ ही मुकरबा चौक और नांगलोई इलाके में भी इंटरनेट बंद कर दिया है। ये सभी ऐसे पॉइंट हैं, जहां से किसान आंदोलन चल रहा है। उधर, दिल्ली मेट्रो ने ITO, दिलशाद गार्डन, झिलमिल, मानसरोवर पार्क और जामा मस्जिद स्टेशन बंद कर दिए हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, ‘हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ संगठनों और लोगों ने तय रूट तोड़ा और गलत कामों में शामिल हो गए। प्रदर्शन में असामाजिक तत्व घुस आए, नहीं तो आंदोलन शांतिपूर्ण चल रहा था। हमने हमेशा शांति बनाए रखी, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत थी और इसके उल्लंघन से आंदोलन कमजोर हो सकता है।’

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने लाल किले पर पहुंच कर खालसा पंथ और किसान संगठनों के झंडे फहरा दिए। जहां स्थायी रूप से तिरंगा लगा रहता है, वहां भी प्रदर्शनकारियों ने अपने झंडे लहराए। हालांकि, तिरंगे को नहीं हटाया।

ITO के पास ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी शव रखकर धरने पर बैठ गए हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारी आंध्रा एजुकेशन सोसायटी में घुस गए और गार्ड को बंधक बना लिया। पुलिस ने बताया कि किसानों को सोसायटी में CCTV लगे होने का शक था। इसी के चलते उन्होंने गार्ड को बंधक बना लिया।

ITO पर पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया तो किसानों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। झड़प में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। किसानों ने ट्रैक्टर दौड़ा दिए, तो पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पुलिसकर्मी भागकर आस-पास की इमारतों में घुस गए और वहां से किसानों पर आंसू गैस छोड़ी।

इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर से निकले किसानों को पुलिस ने नोएडा मोड़ पर रोक दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े। किसानों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस का दावा है कि किसानों ने पांडव नगर पुलिस पिकेट पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। पुलिस ने यह भी कहा कि निहंगों ने तलवार से पुलिसकर्मियों पर हमले की कोशिश की।

नांगलोई में किसानों को रोकने के लिए पुलिस सड़क पर बैठ गई। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। किसान नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
गाजीपुर बॉर्डर से निकले किसानों के काफिले की वजह से ITO पर भारी जाम लग गया। यहां प्रदर्शनकारियों ने वाहनों पर पथराव भी किया। सिंघु से निकले किसानों ने भी कई जगह पथराव किया।

मुकरबा चौक के पास किसान जब तय रूट से हटकर ISBT की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर रोकने की कोशिश की। लेकिन, किसान बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ गए। किसानों ने पुलिस की गाड़ियों और DTC की बसों के शीशे तोड़ दिए।

पुलिस ने किसानों से कहा था कि गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद 12 बजे से ट्रैक्टर मार्च निकालें। लेकिन, किसानों ने रिपब्लिक डे की परेड शुरू होने से पहले ही ट्रैक्टर मार्च शुरू कर दिया। किसान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते गए और पुलिस ने जो रूट दिया अब उसे भी फॉलो नहीं किया।

किसानों के हंगामें से जुड़ी 10 बड़ी बातें

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों के निर्धारित मार्गों पर ना जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर उनके और पुलिस के बीच मंगलवार को झड़प हो गई. वहीं कई किसान लाल किला परिसर में भी दाखिल हो गए हैं. पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया.

आईटीओ पर भी अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई, जहां प्रदर्शनकारी हाथ में डंडे लेकर पुलिस कर्मियों को दौड़ाते और अपने ट्रैक्टरों को वहां खड़ी बसों को टक्कर मारते दिखे. आईटीओ पर गुस्साए किसानों ने एक बस में तोड़फोड़ भी की. पुलिस ने मंगलवार को शहर के कई हिस्सों में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया.


दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों से अपील की है कि वे कानून को हाथ में नहीं लें, शांति बनाए रखें और अपने पूर्व निर्धारित मार्ग पर ही ट्रैक्टर परेड निकालें. दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने कहा, ‘‘हम प्रदर्शनकारी किसानों से अनुरोध करते हैं कि वे कानून हाथ में नहीं ले और शांति बनाए रखें.’’

हालांकि आंदोनकारी किसानों पर पुलिस की अपील का असर नहीं हुआ. हालात को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्रालय ने दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया. प्रदर्शनकारियों के हंगामें के बीच गृह मंत्रालय ने सिंघू बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, मुकरबा चौक और नांगलोई के इलाकों में आज रात 12 बजे तक के लिए इनटरनेट सेवा बंद करने का फैसला किया है.

किसानों ने ट्रैक्टर मार्च के दौरान लाल किले में प्रवेश कर लिया जिन्हें पुलिस निकाल रही है. अब इसी बीच सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने कई स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं. दिल्ली गेट मैट्रो स्टेशन, ITO मैट्रो स्टेशन, ग्रे लाइन की सभी मैट्रो स्टेशन, जामा मस्जिद मैट्रो, दिलशाद गार्डन, झिलमिल और मानसरोवर पार्क मैट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है.

इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारे सभी प्रयासों के बावजूद कुछ लोगों ने रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे. असामाजिक तत्व शांतिपूर्ण आंदोलन में घुस गए. हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान होगा. किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की भी निंदा करते हैं, जो आज घटित हुई हैं. ऐसे कृत्यों में लिप्त होने वाले लोग हमारे सहयोगी नहीं हैं.

इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की. राहुल गांधी ने ट्वीट कते हुए कहा, “हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है. चोट किसी को भी लगे, नुक़सान हमारे देश का ही होगा. देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो!”

स्वराज इंडिया के अध्यङ योगेंद्र यादव ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा, ”यह बिना किसी संदेह के निंदनीय है और शर्मिंदगी का विषय है. यह गणतंत्र के लिए, देश के लिए शर्मिंदगी का विषय है. मैं किसान नेताओं और आंदोलन में शामिल लोगों से अपील करता हूं कि पुलिस के दिए रूट को ही मानें. जो लोग तय रूट से बाहर चले गए हैं उन्हें भी तय रूट पर ही वापस आ जाना चाहिए. अभी मैं यह भी नहीं जानता कि यह हमारे संगठन के लोग हैं या कौन है. लेकिन ऐसा जो लोग भी कर रहे हैं वो निंदनीय है. मुझे अभी यह नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन मैं सिर्फ एक बार और अपील करना चाहता हूं कि इससे आंदोलन और किसान की छवि खराब हो रही है. ऐसा ना करें, पुलिस के रूट पर ही रहें.’

दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है. शुरुआती दौर में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हो सकते हैं. विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. केस दर्ज करने के बाद गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो सकता है.

नांगलोई में पुलिस और आंदोलनकारी किसान आमने सामने हो गए. यहां पर किसानों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजा की. बाद में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और कई बार आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस की तरफ से किसानों को लगातार समझाया जा रहा था, आप लोग अपने तय रास्ते पर निकल जाएं लेकिन वे मानने को तैयार नहीं है. फिलहाल पुलिस समझा रही है. वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर दो पुलिसकर्मियों को चोटे आई हैं. दिल्ली पुलिस ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर पर सुबह में, दो पुलिस अधिकारियों – अतिरिक्त डीसीपी ईस्ट मंजीत और एक परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारी को चोटें आईं, वे किसानों को बैरिकेड तोड़ने से रोक रहे थे.

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