अभी अभीः चौ.चरण सिंह के बाद मोदी लेने जा रहे किसानों के लिये ऐतिहासिक फैसला, जानकर झूम उठेंगे आप

नई दिल्ली। गरीब किसानों को जमींदारों के शोषण से मुक्ति दिलाकर उन्हें भूमिधर बनाने के क्रांतिकारी कदम से किसान नेता स्वर्गीय चौ. चरण सिंह की ख्याति देश भर में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैल गई थी। अब ऐसा ही एक बडा फैसला केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लेने जा रही है। खबर है कि सरकार कृषि से जुड़े हुये आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955ए एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) एक्ट में बदलाव के लिये अध्यादेश को मंजूरी दे सकती है। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और इसके लिये उन्हें अपनी उपज को अपनी इच्छा से किसी को कहीं भी बेचने की छूट मिलेगी। अब तक देश के किसानों को अपनी मर्जी से फसलों को बेचने की अनुमति नहीं थी।

सरकार के इस फैसले से कृषि क्षेत्र के नये केंद्रीय कानून एपीएमसी के तहत किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और इसके लिये उन्हें अपनी उपज को अपनी इच्छा से किसी को कहीं भी बेचने की छूट मिलेगी. आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन कर उपज अनाज से लेकर तिलहन की अधिकतम मात्रा रखने के संबंध में जारी प्रतिबंध (स्टॉक सीमा) को खत्म कर दिया जाएगा.

भारतीय कृषक समाज के अध्यक्ष कृष्णवीर चौधरी ने कहा कि कृषि सुधार के कदम से किसानों को फायदा मिलेगा. किसानों को कृषि उत्पाद बाजार समिति यानी एपीएमसी के चंगुल से मुक्ति दिलाना बहुत जरूरी था. इसी तरह आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे से अनाज, तिलहन जैसे तमाम कृषि उत्पादों को बाहर निकालना भी अच्छा कदम है.

नई व्यवस्था में किसानों को रियल टाइम पर देश के अलग-अलग बाजारों में किसी भी कृषि उत्पाद का क्या भाव या मूल्य मिल रहा है, इसकी जानकारी उन्हें मिलेगी. किसान अपनी मर्जी के मुताबिक अपनी फसल को कहीं भी और किसी को भी बेचने के लिए स्वतंत्र होगा.

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