BREAKING: कोरोना की पहली वैक्सीन का 100 लोगों पर ट्रायल, जाने क्या रहा नतीजा

नई दिल्ली। चीन में बनाई गई कोरोना वायरस की एक वैक्सीन को लेकर उम्मीद बढ़ाने वाली खबर आई है. करीब 108 लोगों पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया गया था. ट्रायल के दौरान पता चला कि वैक्सीन वायरस के खिलाफ इम्यून रेस्पॉन्स पैदा करती है.

चीनी वैक्सीन के ट्रायल को लेकर मेडिकल जर्नल The Lancet में रिपोर्ट प्रकाशित की गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, रिसर्चर्स ने कई लैब में वैक्सीन को लेकर स्टडी की. चीन की Ad5 वैक्सीन को CanSino कंपनी ने तैयार किया है. इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार कोरोना वैक्सीन और अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना की वैक्सीन से आगे समझा जा रहा है. इस साल की शुरुआत में ही चीनी वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया था.

हालांकि, चीनी वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिले हैं जैसे कि दर्द और फीवर. लेकिन ये एक महीने के भीतर खत्म हो गए. वैक्सीन से कोई गंभीर खतरा पैदा नहीं हुआ. स्टडी में पता चला कि वैक्सीन लगाए जाने के करीब 28 दिन बाद व्यक्ति के शरीर में इम्यून रेस्पॉन्स सबसे अधिक था. बता दें कि इस वक्त दुनिया के अलग-अलग देशों में मेडिकल साइंटिस्ट्स की करीब 100 टीमें वैक्सीन की तलाश करने में जुटी हुई हैं.

Pfizer, BioNTech और CanSino जैसी कंपनियां कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू कर चुकी हैं. अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने गुरुवार को कहा था कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन तैयार करने के लिए दवा कंपनी AstraZeneca को 1.2 बिलियन डॉलर तक की रकम दी जाएगी.

सोमवार को अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने कोरोना वैक्सीन के पहले राउंड के ट्रायल की जानकारी दी थी. पहले राउंड में सिर्फ आठ लोगों को वैक्सीन दी गई थी. कंपनी ने कहा था कि वैक्सीन सुरक्षित मालूम पड़ती है और इम्यून रेस्पॉन्स पैदा करती है. बुधवार को बोस्टन के रिसर्चर्स ने कहा था कि एक वैक्सीन प्रोटोटाइप ने बंदरों को कोरोना संक्रमित होने से बचा लिया.

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