• अमीर औरतों को मजा और मसाज देने के चक्कर में युवक की जान को पड गये लाले

    item-thumbnail  नई दिल्ली। बॉलीवुड फिल्म 'देसी बॉयज' के किरदारों की तरह रातोंरात अमीर बनने और शानोशौकत की जिंदगी जीने की ख्वाहिश युवाओं को रास्ते से भटका रही है। महिलाओं की यौन इच्छाओं को पूरा कर मोटी रकम कमाने का सपना दिखाने वाले विज्ञापन मुसीबत बन रहे हैं। डेली मेल के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में 26 साल के एक बिजनेसमैन को भी जिगोलो बनकर पैसे कमाने का खुमार चढ़ा लेकिन उसका ये सपना तब मुसीबत बन गया जब कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया। पुलिस के मुताबिक, सोहेल हाशमी नाम का मोबाइल कारोबारी कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार में बिजनेस करता है। अखबार में उसने एक विज्ञापन देखा जिसमें हैंडसम लड़कों को अकेली महिलाओं को खुश करने की एवज में 25000 से 50000 रुपये तक देने की बात कही गई थी। विज्ञापन में मोबाइल नंबर भी लिखे थे, जिनके जरिए 'ग्राहकों' से संपर्क किया जा सके। सोहेल ने बताया कि विज्ञापन में दावा किया गया था कि वह साउथ दिल्ली में हाईप्रोफाइल क्लाइंट को मसाज देकर मोटी रकम कमा सकता है। हाल ही में उसने एक शादी में 25000 रुपये लोन लेकर खर्च किए थे और चुका पाने की स्थिति में नहीं था। 10 हजार रुपये महीने की कमाई से वह कर्ज नहीं चुका सकता था, इसलिए उसने विज्ञापन देखने के बाद जिगोलो बनने का फैसला लिया। सोहेल ने विज्ञापन में दिए नंबर में फोन किया जिसमें बताया गया कि उसे अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए हापुड़ जाना पड़ेगा। जिसके बाद उसे क्लाइंट का नाम और पता दिया जाएगा। पांच अक्टूबर को वह विज्ञापन देने वाले से मिलने हापुड़ गया, लेकिन घर में बताया कि वह एक दोस्त से पैसे लेने जा रहा है। हापुड़ पहुंचने पर सोहेल ने जो सपने बुने थे वह चूर हो गए और वहां कुछ लोगों ने उसे पकड़कर खूब पीटा और फिर बंधक बना लिया। जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी मां ने पुलिस से संपर्क किया और उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच चल ही रही थी, तभी सोहेल के परिवार को 10 लाख रुपये की फिरौती को लेकर फोन आया। सोहेल के परिवार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और फोन करने वाले का नंबर सर्विलांस पर लगा दिया गया। पुलिस ने तत्काल लोकेशन ट्रेस कर ली। पुलिस ने हापुड़ जिले के मोहम्मदपुर गांव से सोहेल को बरामद कर लिया और इस पूरे मामले में शामिल आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोग विज्ञापन में विदेशी महिलाओं को मसाज देने के नाम पर युवाओं को बहकाते हैं और जब वे चंगुल में फंस जाते हैं तो फिरौती मांगते हैं। एक वरिष्ठ पुलिस ने बताया कि ऐसे विज्ञापनों के जरिए इस रैकेट में शामिल लोग बेरोजगार युवाओं को लालच देते हैं। ये लोग बाद में उन्हें या तो अकाउंट में पैसे डालने को मजबूर कर देते हैं या फिर अगवा कर फिरौती मांगते हैं। पुलिस ने बताया कि इस गैंग ने यूपी में कई बार ऐसे अपराधों को अंजाम दिया है, लेकिन दिल्ली में पहली बार उन्होंने यह काम किया और फंस गए। उन्होंने सिम कार्ड और बैंक अकाउंट के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया था, जिससे उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था। देश में मेल एस्कॉर्ट पूरी तरह गैरकानूनी है। ज्यादातर युवा समाज में बदनामी के नाम पर शिकायत नहीं दर्ज कराते। पुलिस ऐसे फ्रॉड विज्ञापन देकर लोगों को लूटने वाले रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटी है।



    Last Updated On: 2016-10-11 17:22:44