• शादी के बाद कुछ लड़कियों का हो जाता है ये हाल, बीच सड़क पर दिखी सच्चाई

    item-thumbnail  जालंधर।एक लड़की की शादी कर दी जाती है। ससुराल में कुछ महिलाएं बहू और ससुराल फैमिली के बीच ऐसे तनाव पैदा कर देती है कि बहू मानसिक तौर पर परेशान हो जाती है। वह अपना दुख लेकर मायके जाती है तो मां-बाप कहते हैं कि बेटी हमने तो तुम्हारी शादी कर दी है। तुम अपना बुरा-भला खुद सोचो। मायके में कोई मदद नहीं मिलती। लड़की के पास ससुराल ही बचता है, मगर वहां पर तो रोज-रोज की परेशानी। इस बीच लड़की को एक शख्स मिलता है जो उसे बताता है कि सरकार ने जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी बनाई है। अदालत में उनका दफ्तर है। वहां पर उसे कानूनी सलाह मुफ्त मिलेगी। अथॉरिटी उसका सारा केस सुनती है। लड़की और उसके पति को अथॉरिटी के दफ्तर में बुलाकर दोनों की सारी बातें सुनी जाती हैं। ससुराल से जुड़े मेंबर से लड़की का मन मुटाव दूर करवाया जाता है। अथॉरिटी के प्रयास से लड़की का घर दोबारा बस जाता है। इस थीम पर जालंधर में सिटी रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और लॉ कॉलेज लद्देवाली में नुक्कड़ नाटक खेले गए। जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के सचिव और सिविल जज गुरमीत टिवाणा का कहना है कि नुक्कड़ नाटक कर लोगों को जागरूक करने का मकसद है। अथॉरिटी पहली बार ऐसा प्रयास कर रही है। इससे लोग जागरूक होंगे। नुक्कड नाटक में लॉ कॉलेज की स्टूडेंट कुमारी नेहा, नूरी, अमन चौहान, तेगबीर कौर, शिवानी भगत और अश्विनी ने एक्टिंग की। यह नाटक लोक जागृति रंग मंच के चेयरमैन टीपीएस ढिल्लो की देखरेख में हुए।




    Last Updated On: 2016-11-04 10:08:28