• एक बार बहकी ये महिला, और हो गई जिंदगी तबाह-देंखे तस्वीरें

    item-thumbnail  नीमच/इंदौर.मध्य प्रदेश के नीमच सिटी में शुक्रवार को शादीशुदा महिला की खुदकुशी का राज खुल गया है। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें महिला ने एक शादीशुदा युवक को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए फोटो से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट की जांच कराएगी। सुसाइड नोट में जिस युवक का जिक्र हुआ है उसका नाम आकाश बैस है। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बता दें कि दो साल पहले महिला ने आकाश के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। जो न्यायालय में विचाराधीन है। इंदिरा नगर निवासी अर्चना पति मनोज शर्मा ने शुक्रवार दोपहर घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। 15 साल के बेटे ने फोन कर पिता को जानकारी दी थी। शर्मा जब वह घर पहुंचे तो अर्चना पंखे से लटकी मिली थी। शाम को पुलिस ने मौके पर कमरे की तलाशी ली। इस दौरान एक डायरी जब्त की गई है। मनोज शर्मा का बयान भी रिकॉर्ड किया। मनोज ने पत्नी अर्चना की खुदकुशी के लिए आकाश बैस को ही जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, "आकाश के पास अर्चना की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें हैं जिसे लेकर वह ब्लैकमेल करता था।" "इस मामले को लेकर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।" अर्चना ने लिखा कि "मनोज मैं तुम से बहुत प्यार करती हूं। हो सके तो मेरे लिए दारू पीना छोड़ देना, तुमने कहा था कि मैं तेरे लिए सब कुछ कर सकता हूं। तो इतना जरूर करना मेरे लिए। आई लव यू मनोज।" अर्चना ने नोट में लिखा, मेरी इस हालात का जिम्मेदार सिर्फ आकाश बैस है और कोई नहीं। उसने मेरी यह हालत कर दी है। अपने आप को ढ़ाई साल तक जिंदा रख पाना बहुत मुश्किल हुआ। चुप रहकर सब सहन कर रही थी। शायद ठीक कर पाऊं और बदनामी से बच जाऊं, पर नहीं कर पाई। इस पर (आरोपी) केस किया लेकिन कुछ भी नहीं हुआ और कोई उम्मीद भी नहीं लगती। शायद केस का फैसला ही हो जाता तो जीने कोई वजह मिल जाती और सबके सामने सच्चाई साबित हो जाती। लेकिन मेरी एक गलती ने सब बिगाड़ दिया। मैं सही समय पर सच नहीं बोल पाई। शायद ऐसा हो पाता। सब कुछ बचाने में कुछ भी नहीं बचा मेरे पास। मैंने क्या बिगाड़ा था उसका जो उसने मेरे साथ ये सब किया। शायद मेरे मरने के बाद भी उसे सजा मिल जाए तो मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। अर्चना ने सुसाइड नोट में आकाश को मौत का जिम्मेदार बताया उसके खिलाफ 2 साल पहले सिटी थाने में धारा 354 (छेड़छाड़) का केस दर्ज किया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अर्चना के वकील मनीष जोशी ने लोवर कोर्ट में 376 का मामला लगाया था लेकिन कोर्ट से खारिज हो गया था। दो साल में पुलिस आकाश के खिलाफ कार्रवाई नहीं सकी और वह अर्चना ब्लैकमेल करता रहा। इससे परेशान होकर अर्चना ने मौत को गले लगा लिया। इंदिरानगर में रहने वाला आकाश बैस नीमच मनासा रोड निर्माण में मेट का काम करता था। उसके पिता जबलपुर में बिजली विभाग में काम करते हैं। मां सिलाई का काम करती है। आकाश का विवाह हो चुका है और उसकी पत्नी छोड़कर चली गई है। मामला तलाक तक जा पहुंचा है। आकाश जब काम पर नहीं जाता था तो अर्चना के घर के आसपास घूमा करता था और उसे परेशान करता था।






    Last Updated On: 2016-11-06 10:44:05