• हेजल को इस बाबा के पास लेकर आए युवराज, तब बनी शादी की बात

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     चंडीगढ़। क्रिकेटर युवराज और हेजल कीच की शादी का क्रेज जितना उनके परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों में है। उतना ही उनके फैन्स में भी है। सिख धर्म के रसमों-रिवाज के साथ जहां चंडीगढ़ में शादी होगी वहीं हिंदु धर्म के मुताबिक रस्में गोवा में होंगी। इसके अलावा दिल्ली में भी रिसेप्शन रखी गई है। सभी जगह तैयारियां चल रही हैं। खास बात यह है कि जहां शादी होंगी वो वही स्थान है जहां युवी हर सुख-दुख में अरदास करते हैं।
     युवराज की मां शबनम और भाई जोरावर के साथ शादी का पहला कार्ड भी यहीं दिया। यहां भी तैयारियां चल रही हैं। यह है पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में स्थित गुरुद्वारा दुफेड़ा साहिब। जहां युवराज लगभग 15 साल से आ रहे हैं। यह डेरा परमात्मा में लीन हो चुके संत बाबा अजीत सिंह जी हंसाली वाले का है। इस वक्त संत बाबा राम सिंह जी गंडुआ वाले गद्दी संभाले हुए हैं। यहां 20 साल से भी अधिक समय से रह रहीं बीबा कुलविंदर कौर किंडा, जिन्हें युवी दीदी कहते हैं, ने बताया कि युवी की जिंदगी दोनों बाबाओं जी के साथ चलती है। शादी कब और कौन सी रसमें कहां होंगी, इसकी सलाह भी संत बाबा राम सिंह से ली। मेहंदी आैर संगीत का कार्यक्रम उदयपुर पैलेस में रखने का प्लान था, पर बाबा जी के कहने पर ही होटल ललित में रखा गया। वह बताती हैं कि जब हेजल पसंद आई थी तो युवी ने बाबाजी से शेयर किया। बाबा जी ने यही कहा, मान जएगी। इसके बाद युवी 2015 में बाबाजी के दर्शन के लिए हेजल को साथ लाए। उन्होंने बताया, हेजल को देख सब हैरान थे कि विदेश में पली बढ़ी बच्ची संस्कारों से भरी है।
     हेजल की मां, जो बिहार से हैं, ने दोनों बेटियाें को भारतीय संस्कार दिए हैं। युवराज खुद चाहते हैं कि उनकी मौजूदगी या गैर मौजूदगी में हेजल बाबा जी का आशीर्वाद लेने आती रहे। खास बात यह है कि हेजल जब भी आईं, सलवार- कमीज पहनकर आईं। युवी खुद ऐसी बातों को गंभीरता से लेते हैं कि हेजल बाबा जी के पास इसी अंदाज में आए। एक और खास बात यह है कि युवराज कभी सेलिब्रिटी बनकर नहीं आए। अगर दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ता है तो करते।
     बीबा कुलविंदर ने कहा, अकसर कहती थी कि यूवी तू व्याह करवा ले। तो यही जवाब मिलता कि दीदी पहले आप करवाओ। फिर मैं भी करवा लूंगा। इस पर मैं कहती थी, मेरे चक्कर में तू कुंवारा रह जाएगा। मैंने युवराज की शादी के लिए फुलकारी, सेहरा, पीढ़ा और दूसरा सामान भी खरीदा है। युवराज के नए घर में ही हेजल की डोली भी आएगी। 30 को सुबह वटना लगने के बाद बारात गुरुद्वारे में आएगी। यहां दोपहर ढाई बजे शादी का समय है।



    Last Updated On: 28-11-16 10:24:49