• इस तारीख को यूपी में अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी भाजपा, छिड सकता है ‘दंगल’

    item-thumbnail  लखनऊ। यूपी में चुनावी दंगल की सीटी बज गई है लेकिन बीजेपी अभी अपने 'पहलवान' ही परख रही है। दरअसल पार्टी को चिंता फाइनल राउंड से पहले पार्टी के अंदर सूची को लेकर मचने वाले 'दंगल' की भी है। इसलिए टिकट चरण वार और आखिरी मौके पर ही घोषित करने की रणनीति है। इसलिए पार्टी अपनी पहली सूची मकर संक्राति के बाद ही घोाषित करेगी। 16 जनवरी को पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक के कयास चल रहे हैं।
     यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने बताया, 'प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। संसदीय बोर्ड की मुहर लगने के बाद इसे घोषित कर दिया जाएगा। जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है।' अब तक संगठनात्मक अभियानों के जरिए जमीन मजबूत करने में लगी बीजेपी चुनाव की घोषणा के साथ ही फ्रंटफुट पर आ गई है। पार्टी ने चुनाव समिति गठित कर दी है। प्रत्याशियों के नाम पर प्रदेश स्तर पर औपचारिक चर्चा काफी हद तक पूरी हो चुकी है। मोदी की रैली के दौरान लखनऊ आए अमित शाह ने हालांकि जिला संगठनों से नाम सुझाने को कहा था, लेकिन नामों पर चर्चा का दौर लगभग खत्म हो चुका है। अब संसदीय बोर्ड की मुहर और घोषणा बाकी है।
     सूत्रों के मुताबिक बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक 16 जनवरी को प्रस्तावित है। 17 जनवरी को पहले चरण की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन शुरू हो जाएंगे। इसलिए 100 से अधिक सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नामांकन शुरू होते ही हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो पार्टी टिकट चरणवार ही जारी करेगी। इसलिए पहले वेस्ट यूपी के सीटों के लिए ही प्रत्याशियों के नाम जारी होंगे। पहली सूची में पहले दो चरणों के उम्मीदवारों के नाम होंगे। पार्टी के 5 से अधिक विधायकों के टिकट कट सकते हैं बाकी को फिर मैदान में उतारा जाएगा।
     बीजेपी के टिकट वितरण में हो रही देरी का खामियाजा प्रत्याशियों को भुगतना पड़ सकता है। नामांकन शुरू होने पर प्रत्याशी घोषित होने से उन्हें प्रचार के लिए मुश्किल से 20 दिन का ही वक्त मिल पाएगा, वहीं पार्टी में बाहरी-भीतरी को लेकर पहले से ही घमासान मचा है। सत्ता की उम्मीद को देखते हुए दावेदारों की होड़ है। ऐसे में टिकट घोषित होने के बाद प्रत्याशी का पहला संकट विरोध संभालना होगा। उससे निकले के बाद ही प्रचार की गाड़ी आगे बढ़ेगी। हालांकि, बीजेपी का दावा है कि पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर जमीन से जुड़े इतने अभियान चलाएं है कि जनता के लिए कमल महत्वपूर्ण होगा प्रत्याशी नहीं।
     बीजेपी की यूपी के लिए बनी चुनाव समिति में सांसद उमा भारती को भी शामिल कर लिया गया है। बुधवार को जो सूची जारी की गई थी उसमें उमा का नाम नहीं था। उमा भारती बीजेपी की परिवर्तन यात्राओं के दौरान के चार चेहरों में एक थीं। समिति में परिवर्तन यात्रा के चारो चेहरे, यूपी बीजेपी के तीन महामंत्री, यूपी कोटे से केंद्र में पदाधिकारी, सभी पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं। इसके अलावा रीता बहुगुणा जोशी, स्वामी प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी समिति में हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बाहरियों के नाम पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बीच पार्टी की चिंता बाहरियों के समर्थकों को भी बैलेंस करने की है। अहम अभियानों में इनकी भागीदारी कर यह संदेश देने की है बीजेपी में उनकी उपेक्षा नहीं हो रही है।



    Last Updated On: 05-01-17 20:32:23

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