• दूसरी लडकियों की खूबसूरती देखकर होती थी उदास, बनाई ऐसी सॉलिड बॉडी...

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     चंडीगढ़। यास्मीन चौहान मिस इंडिया डबल गोल्ड मेडल और मिस एशिया बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर चुकी हैं। वे चंडीगढ़ में हुए एक बॉडी बिल्डिंग कॉम्पिटीशन के लिए पहुंची थीं। जहां बातचीत में उन्होंने बताया कि स्कूलिंग के दौरान वे दूसरी लड़कियों की खूबसूरती देख उदास हो जाया करती थीं। तब उन्होंने खुद की बॉडी को शेप में लाने का फैसला किया। वे पिछले 20 सालों से जिम में इसके लिए पसीना बहा रही हैं।
     यास्मीन ने बताया कि बॉडी बिल्डिंग में आना एक संयोग था। बचपन में एक दवाई का मेरे शरीर में गलत असर पड़ा। जिससे मेरे बाल झड़ने लगे और चेहरे पर कई तरह के निशान बन गए। मैं बहुत अजीब दिखने लगी थी। उनके मुताबिक, मेरी बहनें और साथ पढ़ने वाली लड़कियां मुझसे खूबसूरत थी। ऐसे में मैं हमेशा अपने चेहरे को लेकर उदास रहती। लेकिन स्कूल पूरा होने पर मुझे लगा कि अगर मैं अपने चेहरे को न सुधार सकूं तो अपने शरीर को जरूर बेहतर बना सकती हूं। उनके मुताबिक, मैंने फिटनेस के लिए जिम ज्वाइन किया, लेकिन धीरे-धीरे मुझे लगा कि मुझे मसल्स बढ़ाने चाहिए। एेसे में मैंने विदेशी कोच से ट्रेनिंग ली और सर्टिफाइड कोर्स किए। साथ ही, कई बॉडी बिल्डिंग कॉम्पिटीशन में हिस्सा लिया। महिलाओं में फिटनेस को लेकर मैंने अपना जिम भी शुरू किया। इसमें मेरी कोशिश महिलाओं को बॉडी बिल्डिंग से जोड़ने की है।
     यास्मीन के मुताबिक, वे कई कॉम्पिटीशन में जाती रहीं और देखा कि महिलाओं की दिलचस्पी इस तरफ कम है। शायद इसकी वजह है सरकार से इस खेल को प्रोत्साहन नहीं मिलना। पिछले 10 से 15 सालों में हमारे देश में फिटनेस को लेकर अवेयरनेस जरूर बढ़ी है, लेकिन महिलाओं को बॉडी बिल्डिंग से जुड़ी जानकारी नहीं दी जाती। जिस वजह से उनके शरीर का डेवलपमेंट गलत तरीके से होने लगता है। बॉडी बिल्डिंग में अधूरी जानकारी हमेशा खतरनाक होती है।




    Last Updated On: 28-11-16 11:22:14