• घूंघट में रहनी वाली बहू बन गई मेजर, लददाख में तैनात

    item-thumbnail  पाली| देश की रक्षा में जवानों के साथ अब राजस्थान की बहू- बेटियां भी आगे आ रही हैं। ऐसी ही हैं पाली जिले के खोड़ गांव की बहू नवीना शेखावत, जो जिले की पहली मेजर हैं। साल 2013 से दो साल तक ऑफिसर ट्रेंनिग एकेडमी में ट्रेंनिग के बाद लेफ्टिनेंट बनी शेखावत का कैप्टन और अब आर्मी में मेजर पोस्ट पर प्रमोशन हुआ। अब वे देश के सबसे विपरीत परिस्थितियों वाले लेह-लद्दाख अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात हैं। बता दें कि नवीना ने जोधपुर के केएन कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर डिफेंस स्टडी में पीजी किया है। मेजर पोस्ट पर प्रमोशन से पहले नवीना नक्सल प्रभावित मणिपुर में दो साल तक कैप्टन की पोस्ट पर तैनात रहीं। इस दौरान उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में बखूबी भागीदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने नक्सलवादियों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपने स्तर पर कई अभियान चलाए। सेना में मेजर की पोस्ट पर पहुंची नवीना सामाजिक संस्कारों और परंपराओं में पूरा भरोसा रखती हैं। ड्यूटी पर सेना की यूनिफॉर्म में देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। वहीं अपने ससुराल खोड़ आने पर परिवार के संस्कारों और परंपराओं को भी बखूबी निभाती हैं। आज भी नवीना ससुराल में ससुर समेत बड़े बुजुर्गों के सामने घूंघट में ही रहती हैं। उन्हें यहां परंपरागत राजपूती पहनावा ही पसंद है।
    नवीना का कहना है कि गांव की बहू-बेटियां किसी से कम नहीं। उन्हें भी सपने देखने और आगे बढ़ने का पूरा हक है। काबिलियत में वे किसी से कम नहीं। सिर्फ मौके और गाइडेंस की कमी होती है। उन्हें चाहिए कि वे सपने देखें और जिद के साथ पूरा करें।



    Last Updated On: 24-10-16 10:28:56