• यदि आपकी बीवी भी अगर कुछ ऐसा कर रही है तो घबराने की बात है क्योंकि...

    item-thumbnail लंदन। इसमें कोई दो राय नहीं कि आज मोबाइल फोन जरूरत बन गया है लेकिन इंटरनेट के इस युग में परिवार से ज्‍यादा लोग सोशल मीडिया पर समय बि‍ता रहे हैं। जब इंटरनेट नहीं था तो रिश्‍तों के लिए समय था, उन रिश्‍तों में गर्माहट थी, एक-दूसरे के साथ की आवश्‍यकता थी लेकिन आज रिश्‍ते टूटने की मुख्‍य वजह सोशल मीडिया बन रहा है। पति-पत्‍नी का र‍िश्‍ता इस बदलाव से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ है। यानी अगर आपकी पत्‍नी आपके साथ कम समय बिता रही है और रिश्‍तों की वह गर्माहट कम हो रही है तो आप इसका दोष स्‍मार्टफोन को दे सकते हैं। ब्रिटेन में हुए एक नए अध्‍ययन से पता चला है कि स्‍मार्टफोन की निर्भरता इतनी ज्‍यादा हो गई है कि इस अध्‍ययन में हिस्‍सा लेने वाली 20 प्रतिशत महिलाओं ने माना है कि वे अपने पार्टनर के बिना पूरा सप्‍ताह काट सकती है लेकिन स्‍मार्टफोन के बिना एक दिन भी नहीं। इस सर्वे को बॉश एंड लॉम्‍ब कॉनटैक्‍स लेंस ने कराया था। सोशल मीडिया, ईमेल आदि में हर सप्‍ताह महिलाएं औसतन 12 घंटे बिताती हैं। यह भी पता चला कि स्‍मार्टफोन पर ज्‍यादा निर्भर रहने वाली महिलाओं में तनाव, गुस्‍सा और डर होता है। इसका कारण यह है कि वे जो अपने फोन पर देखना चाहती हैं, वह नहीं मिलता। साइकोलॉजिस्‍ट चिरेल शालो ने बताया कि डिजिटल डिवाइसेस पर ज्‍यादा देर समय बिताने से आंखे थक जाती है। यह शो जर्नल कम्‍प्‍यूटर्स इन ह्यूमन बिहेवियन में प्रकाशित किया गया है। यूएस के टेक्‍सास यूनिवर्सिटी के प्रो. जेम्‍स रॉबर्ट ने कहा 'स्‍मार्टफोन के ज्‍यादा उपयोग के कारण आपसी संबंध कमजोर पड़ रहे हैं।'



    Last Updated On: 05-11-16 20:00:21