• सपा में फिर घमासान, टिकट बंटवारे से गुस्से में अखिलेश, बुलाई मीटिंग

    item-thumbnail  लखनऊ| समाजवादी पार्टी में सीटों के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ सकता है। मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को यूपी वि‍धानसभा चुनाव के लि‍ए 325 कैंडिडेट्स का एलान किया था। इस लिस्ट में अखिलेश के तीन करीबी मंत्रियों समेत पसंद के कई लोगों के नाम नहीं हैं। ऐसा कहा जा रहा है मुलायम की लिस्ट के 108 कैंडिडेट्स ऐसे हैं, जिन्हें अखिलेश की पसंद का नहीं कहा जा सकता। मुलायम ने अपनी और बेटे की पसंद के जितने नेताओं को टिकट दिए, उतने ही टिकट अकेले शिवपाल की च्वॉइस के नेताओं को दिए। इसे लेकर गुरुवार को विधायकों की मीटिंग बुलाई गई। मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के 325 कैंडिडेट्स के नामों का एलान किया। लिस्ट में अखिलेश यादव सहित उनके करीबी तीन मंत्रियों का नाम नहीं है, जबकि‍ शि‍वपाल समर्थकों को बड़ी संख्‍या में शामि‍ल कि‍या गया है। जि‍स समय इन नामों का एलान हुआ उस समय अखिलेश झांसी में थे। बताया जाता है कि‍ अपने सपोर्टर्स को दरकि‍नार कि‍ए जाने से वे खुश नहीं हैं। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश ने रविवार को मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करके 403 कैंडिडेट्स की लिस्ट सौंपी थी। जबकि शिवपाल पहले ही 175 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर चुके थे। दोनों में कई नामों पर मतभेद थे। सूत्रों का दावा था कि अखिलेश ने मुलायम को जो लिस्ट सौंपी, उसमें माफिया अंसारी बंधु, बाहुबली अतीक अहमद और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि का नाम नहीं है। इसके अलावा अखिलेश ने अपने करीबियों को शामिल किया, जिनका टिकट शिवपाल यादव ने काट दिया था। लिस्ट में मौजूदा 35 से 40 मंत्री-विधायकों के टिकट काट दिए गए थे। बताया गया कि सीएम ने एक एजेंसी से कराए सर्वे के आधार पर लिस्ट तैयार की। इसमें ज्यादातर मंत्री और विधायक क्षेत्र की जनता की मांगों को पूरा कर पाने में नाकामयाब पाए गए। इसीलिए सीएम ने इनके टिकट काट दिए। इसके बाद शिवपाल यादव ने ट्वीट कर कहा कि टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा। इसका फैसला नेताजी ही करेंगे। सीएम चुनाव के बाद तय किया जाएगा। अखिलेश ने बुधवार देर रात हाउसिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की वाइस प्रेसिडेंट सुरभि शुक्ला को बर्खास्त कर दिया। उन्‍हें शिवपाल का करीबी माना जाता है। सुरभि के पति संदीप को सुल्तानपुर की सदर विधानसभा सीट से टिकट मिला है। संदीप मैन्युफैकचरिंग कॉर्पोरेशन में एडवाइजर थे। दोनों को बर्खास्त कर दिया गया है। बता दें कि अखिलेश के खास एमएलए अरुण वर्मा का टिकट काटकर संदीप को दिया गया। बता दें, संदीप इससे पहले सरकारी अफसर थे और 10 महीने पहले ही उन्हें रिजाइन दिया था।



    Last Updated On: 2016-12-29 12:26:06