• शिवपाल यादव और अमर सिंह ने दिया इस्तीफा

    item-thumbnail  लखनऊ/इटावा। सपा में चल रहे बवाल के बीच सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के सामने इस्तीफ़ा पेश किया है। मुलायम सिंह यादव ने इस्तीफ़ा को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है। मुलायम ने शिवपाल से कहा कि इतनी जल्दी हार मान लोगो। शिवपाल के साथ ही सपा महासचिव अमर सिंह ने भी की है इस्तीफ़े की पेशकश। ऐसा माना जा रहा है कि आज के अधिवेशन में शिवपाल और अमर सिंह के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है इससे पहले दोनों अपने आप को बचाने के इरादे से इस्तीफा दे रहे हैं।
     समाजवादी पार्टी के सत्ता संग्राम के बीच हो रहे समाजवादी पार्टी के आपातकालीन अधिवेशन  को लेकर प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव को ताकतवर बनाने का एक जोरदार प्लान बनाया है। इस प्लान के कुछ मुद्दे ईनाडु इंडिया के पास पहुंचे हैं। उसे देखकर यही कहा जा सकता है कि अब समाजवादी पार्टी में सिर्फ अखिलेश ही अखिलेश होंगे।
     इस प्लान पर आज समाजवादी पार्टी के अधिवेशन में दोपहर बाद मोहर लग जाएगी और उसके बाद अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के बन जाएंगे सर्वेसर्वा और मुलायम रह जाएंगे संरक्षक। अखिलेश यादव बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव बनेंगे संरक्षक। पार्टी की पूरी कमान होगी अखिलेश यादव के हाथों में।
     आपातक़ालीन अधिवेशन जिन परिस्थितियों में बुलायी जा सकती है, वो है  कि राष्ट्रीय अध्यक्ष तानाशाह हो जाए या फ़ैसले लेने की सूझबूझ समाप्त हो जाए या पार्टी समाप्ति की स्थिति में पहुंच जाए। अगर इन परिस्थतियों में 40% प्रतिनिधियों की सहमति हो तो अधिवेशन बुलाया जा सकता है। कोई भी प्रस्ताव अधिवेशन में 60% की सहमति से पास कराया जा सकता है। अगर ज़रूरत हो, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी 60% प्रतिनिधियों की सहमति से बदला जा सकता है।
     अखिलेश यादव ने साफ़-साफ़ बोल दिया है कि वे शिवपाल सिंह यादव के साथ काम नहीं कर सकते हैं और अमर सिंह को पार्टी में बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं और साज़िश करने वालों को बेनक़ाब किया जाए। अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। शिवपाल सिंह यादव को यूपी की राजनीति से हटाया जाए। अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष के लगातार ग़लत फ़ैसलों से परेशान होकर उनको पार्टी के संरक्षक के रूप में रख कर पार्टी की कमान ख़ुद सम्भालना चाहते हैं।
     रामगोपाल ने पहले से ही प्रस्ताव बनवा लिया है जिसको कल के अधिवेशन में पास किया जाएगा। अधिवेशन में पास होने वाले बड़े फ़ैसले मुलायम सिंह यादव के अधिवेशन से पहले अखिलेश यादव की डिमांड के अनुसार फ़ैसले लेने या ना लेने पर भी निर्भर करता है। अगर अखिलेश की मांग मुलायम सिंह यादव मान लेते हैं, तो भी अखिलेश यादव अपने लिए अधिवेशन में बड़ा प्रस्ताव जैसे पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन का पद ले सकते हैं और प्रदेश अध्यक्ष अपने किसी क़रीबी को बनाने का फ़ैसला कर सकते हैं।
     अगर मुलायम सिंह यादव अखिलेश की डिमांड नहीं मानते हैं, तो अधिवेशन में अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव को पास कर चुनाव आयोग भेजा जाएगा। प्रस्ताव के साथ प्रतिनिधियों द्वारा भरे गए प्रस्ताव सहमति प्रारूप को अटैच कर के चुनाव आयोग भेजा जाएगा। हर ज़िले से पार्टी के 150 से 200 सदस्य 500 या 1100 की रसीद कटवाते हैं और उनको बक़ायदा आइडी कार्ड नम्बर और राष्ट्रीय अधिवेशन का समूचा प्रारूप दिया जाता है और उनकी सहमति से ही बड़ा फ़ैसला लिया जाता है।
     जिस दिन शिवपाल सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव द्वारा टिकट सूची की घोषणा करायी थी उसी दिन से यूपी के हर ज़िले में  अधिवेशन की पूरी तैयारी शुरू कर दी गयी थी और 1 जनवरी की अधिवेशन के लिए पूरी व्यवस्था कर ली गई थी। अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवेशन में पहुंचते हैं, तो उस स्थिति में भी सभी प्रस्ताव उनके सामने पढ़े जाएंगे और पास कराए जाएंगे।



    Last Updated On: 2017-01-01 10:26:40