• इस मंदिर में जाने वाला नहीं लौटता खाली हाथ, NASA ने भी मानी शक्ति

    item-thumbnail PATNA : भारत देश में ऐसे कई मंदिर हैं जिनकी बहुत मान्यता है। जहां जाने वाला व्यक्ति कभी भी खाली हाथ नहीं लौटता। आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे ही चमत्कारी मंदिर के बारे में 'कसार देवी' के नाम से प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि अल्मोड़ा से करीब 22 किमी दूर काकड़ीघाट में उन्हें विशेष ज्ञान की अनुभूति हुई थी। इसी तरह बौद्ध गुरु लामा अंगरिका गोविंदा ने गुफा में रहकर विशेष साधना की थी। हर साल इंग्लैंड और अन्य देशों से अब भी शांति प्राप्ति के लिए सैलानी यहां आकर कुछ माह तक ठहरते हैं। कहते हैं कि स्वामी विवेकानंद 1890 में ध्यान के लिए कुछ महीनों के लिए आए थे। कसार देवी मंदिर के बारे में कहा जाता है की यहाँ आने वाले भक्तो की हर मनोकामना तुरंत पूरी होती है। यहाँ कुदरत की खूबसूरती के साथ ही एक अद्भुत अनुभव का अहसास भी होता है। अल्मोड़ा से लगभग 10 किलो मीटर की दुरी पर अल्मोड़ा बिनसर मार्ग पर स्थित कसार देवी के आस पास पत्थर मिलेंगे। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तराखंड में अल्मोड़ा स्थित कसार देवी शक्तिपीठ, दक्षिण अमेरिका के पेरू स्थित माचू-पिच्चू और इंग्लैंड के स्टोन हेंग अदभुत चुंबकीय शक्ति के केंद्र हैं। इन तीनों जगहों पर चुंबकीय शक्ति का विशेष पुंज है। नासा के वैज्ञानिक चुम्बकीय रूप से इन तीनों जगहों के चार्ज होने के कारणों और प्रभावों पर शोध कर रहे हैं। यहां आकर श्रद्धालु असीम मानसिक शांति का अनुभव करते हैं। ऐसा क्यों? क्योंकि यह अद्वितीय और चुंबकीय शक्ति का केंद्र भी है। अनूठी मानसिक शांति मिलने के कारण यहां देश-विदेश से कई पर्यटक आते हैं।



    Last Updated On: 29-11-16 09:24:45