• इस तरह तो यूनीलीवर का सत्यानाश कर देगी बाबा की पतंजलि

    item-thumbnail मुंबई| देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनी हिंदुस्तान युनिलीवर (एचयूएल) की पैरेंट कंपनी युनिलीवर ने पहली बार यह माना है कि योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि से उसे टक्कर मिल रही है। युनिलीवर ने बताया कि वह इससे निपटने के लिए 'नैचरल' सेगमेंट में नए प्रॉडक्ट्स लॉन्च कर रही है। युनिलीवर के हेड (इन्वेस्टर रिलेशंस) एंड्रयू स्टीफन ने हाल ही में इन्वेस्टर्स के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि भारत में हर्बल सेगमेंट में कुछ शानदार उदाहरण हैं। उनका कहना था, 'पतंजलि के बारे में काफी दिलचस्पी के साथ बात की जा रही है' और हिमालया पर्सनल केयर के नैचरल सेगमेंट में दबदबा रखती है। यह दूसरा मौका है कि जब किसी बड़ी ग्लोबल कन्ज्यूमर कंपनी ने पतंजलि की बढ़ती ग्रोथ को स्वीकार किया है। इससे पहले कॉलगेट पामोलिव ने मई में कहा था कि भारत में नैचरल कहा जाने वाला सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और कंपनी को इसमें अपने लिए मौके तलाशने होंगे। लोगों के बीच सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता और आयुर्वेद के फायदों की जानकारी बढ़ने से मार्केट में हर्बल प्रॉडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। पतंजलि एक दशक से कम समय में 5,000 करोड़ रुपये की कंपनी बन गई है। इस नए कॉम्पिटिशन से निपटने के लिए मल्टिनैशनल कंपनियों ने भी अब आयुर्वेद की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए कॉलगेट ने वेदशक्ति टूथपेस्ट लॉन्च की है जबकि लॉरियल ने गार्नियर अल्ट्रा ब्लेंड्स के तहत प्राकृतिक तत्वों के साथ एक हेयर केयर रेंज पेश की है। एचयूएल ने अपने पर्सनल केयर पोर्टफोलियो में कई नए प्रॉडक्ट लॉन्च किए हैं। पिछले फाइनैंशल इयर में कंपनी के 32,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी लगभग आधी थी। कंपनी के नेट प्रॉफिट में इसने दो-तिहाई का योगदान दिया था। स्टीफन ने बताया, 'हम कई ब्रैंड लॉन्च कर रहे हैं। हमने हेयर ऑयल के नैचरल सेगमेंट में मौजूद इंदुलेखा ब्रैंड खरीदा है। हमारे पास लंबे समय से आयुष ब्रैंड मौजूद है जो नैचरल्स में काफी मजबूत है। फेयर ऐंड लवली ने भी अब अपने पोर्टफोलियो में आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स पेश किए हैं।'
    ग्रामीण इलाकों से मांग कम होने की वजह से देश में एचयूएल की वॉल्यूम ग्रोथ घटी है। कंपनी ने सितंबर क्वॉर्टर के रिजल्ट को लेकर ऐनालिस्ट्स को बताया है कि देश में डिमांड कमजोर बनी हुई है। कंपनी का कहना है कि स्किन क्लीनजिंग सेगमेंट में कंपनी को कमोडिटी की कॉस्ट बढ़ने की वजह से दामों में वृद्धि करनी पड़ी थी और इसका असर वॉल्यूम पर पड़ा है। बाबा रामदेव ने अप्रैल में दावा किया था कि पतंजलि आयुर्वेद के पास युनिलीवर, कोलगेट और नेस्ले जैसी दिग्गज एमएनसी कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट कंपनियों को पीछे छोड़ने की क्षमता है।



    Last Updated On: 2016-10-20 12:39:12